Empowering Education: Overcoming Electricity Challenges in Rural India शिक्षा की ज्योति जलेगी! बिजली काट कर ?
Empowering Education: Overcoming Electricity Challenges in Rural India शिक्षा की ज्योति जलेगी! बिजली काट कर ?
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5/31/20251 min read
शिक्षा की ज्योति जलेगी! बिजली काट कर?
भारत में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकारें अनेक योजनाएं चला रही हैं, लेकिन क्या इन योजनाओं का लाभ वास्तव में छात्रों तक पहुंच रहा है? विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां बिजली की आपूर्ति अनियमित है, छात्रों को पढ़ाई में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बिजली कटौती और शिक्षा पर प्रभाव
ग्रामीण भारत में कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति प्रतिदिन 12 घंटे से भी कम होती है। उदाहरणस्वरूप, झारखंड के रांची में बिजली कटौती से व्यापार और शिक्षा पर असर पड़ रहा है । बिहार के गया जिले के कैसापी पुरानी डिह गांव में छात्रा चांदनी बताती है कि शाम में पढ़ने बैठते हैं तो लाइट चली जाती है, जिससे पढ़ाई का नुकसान होता है।
छात्रों की दिनचर्या पर असर
बिजली कटौती के कारण छात्रों की पढ़ाई की दिनचर्या प्रभावित होती है। रात के समय 3-4 घंटे की बिजली कटौती से छात्र न तो पढ़ाई कर पाते हैं और न ही डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं। इससे उनकी एकाग्रता, स्वास्थ्य और परीक्षा की तैयारी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
समाधान की दिशा में कदम
कुछ क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के माध्यम से स्कूलों में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिससे छात्रों की उपस्थिति और पढ़ाई के माहौल में सुधार हुआ है । सरकार की दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना जैसे प्रयासों के बावजूद, कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति अभी भी असंतोषजनक है।
2025 में भी, जब हम डिजिटल इंडिया और स्मार्ट शिक्षा की बात करते हैं, तब भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में छात्र अंधेरे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह समय है कि हम केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि शिक्षा की ज्योति वास्तव में हर घर तक पहुंचे।
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